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Electricity21 July 2026· updated 21 July 2026

बिजली विभाग को शिकायत पत्र कैसे लिखें? Bijli Bill Complaint 2026

बिजली बिल ज्यादा आया, मीटर खराब है, या गलत तरीके से कनेक्शन काट दिया गया? यहाँ जानिए DISCOM को शिकायत पत्र कैसे लिखें, और बिजली विभाग के विरुद्ध अपने अधिकार का इस्तेमाल कैसे करें।

बिजली विभाग को शिकायत पत्र कैसे लिखें?

समस्या: आपका बिजली बिल अचानक बहुत ज्यादा आ गया, या आपको शक है कि मीटर खराब है और गलत रीडिंग दे रहा है। या फिर बिना नोटिस दिए ही आपका कनेक्शन काट दिया गया। इन सब हालात में आपको पता नहीं कि पहले क्या करें और किसे करें।

यह आर्टिकल आपको बिल्कुल सीधे तरीके से बताएगा: बिजली विभाग (DISCOM) को शिकायत पत्र कैसे लिखें, और अगर वे न सुने तो आगे क्या कदम उठाएँ।

आपको शिकायत पत्र क्यों लिखना चाहिए?

अक्सर लोग सोचते हैं कि फोन कॉल या हिसाब-किताब कर लेंगे। लेकिन लिखित शिकायत आपका कानूनी सबूत बन जाती है। अगर बाद में आपको किसी कोर्ट या ऑम्बुड्समैन के पास जाना पड़ा, तो यह पत्र आपकी सबसे बड़ी ताकत होगी।

Electricity Act, 2003 के Section 42(5) के तहत हर बिजली विभाग (DISCOM — जैसे MSEDCL, BESCOM, BSES, Adani Electricity, Tata Power, UPPCL, TANGEDCO) को एक Consumer Grievance Redressal Forum (CGRF) बनाना पड़ता है। यह फोरम सिर्फ लिखित शिकायतें ही स्वीकार करता है।

तीन सबसे आम बिजली की शिकायतें

1. बिजली बिल ज्यादा या गलत आना

एक ग्राहक को आमतौर पर महीने का बिल ₹2,000 आता था। अचानक मई में ₹8,500 का बिल आ गया, और उस महीने कुछ खास काम भी नहीं हुआ था। यह हो सकता है:

  • मीटर रीडिंग गलत दर्ज की गई
  • पिछले महीने की रीडिंग जोड़ दी गई
  • टैरिफ (दाम) में अचानक बदलाव (हालाँकि यह DISCOM को बताना पड़ता है)

2. मीटर खराब / फास्ट मीटर

आपको शक है कि आपका मीटर फास्ट चल रहा है — यानी आप जितना बिजली use कर रहे हो, उससे ज्यादा दिखा रहा है। इसका पता लगाने के लिए आप मीटर टेस्ट करवा सकते हैं। DISCOM को यह सुविधा देनी पड़ती है, और अगर मीटर सच में गलत निकला, तो आपको पिछले 2 साल का overcharge रिफंड करना पड़ता है

3. गलत तरीके से या बिना नोटिस के कनेक्शन काटना

Electricity Act, 2003 के Section 56 के मुताबिक, DISCOM को अपने 15 दिन पहले एक लिखित नोटिस देना पड़ता है कि अगर आप बिल न भरो तो कनेक्शन काट दूँगा। अगर यह नोटिस न दिया गया हो, तो यह गलत कदम है, और आप शिकायत कर सकते हैं। साथ ही, 2 साल से पुराना बिल "due" नहीं माना जा सकता अगर उसे continuously बिल में दिखाया न गया हो


अब शिकायत पत्र लिखते हैं

नीचे एक तैयार हुआ टेम्पलेट दिया गया है जिसे आप अपने हालात के अनुसार बदल सकते हैं।

शिकायत पत्र का फॉर्मेट

[आपका नाम]
[आपका पता]
[शहर, पिन कोड]
[मोबाइल नंबर]
[ईमेल (अगर हो)]

दिनांक: [आज की तारीख]

को,
[DISCOM का नाम, जैसे MSEDCL / BESCOM / BSES]
Consumer Grievance Redressal Forum (CGRF)
[CGRF का पूरा पता — अपनी बिजली कंपनी की वेबसाइट पर देखें]

विषय: बिजली खाता सं. [आपका Consumer/Account Number] के विरुद्ध शिकायत

मान्यवर,

मैं / हम [आपका नाम], [पता] का बिजली उपभोक्ता हूँ / हैं। मेरा उपभोक्ता संख्या [Consumer Number] है।

**शिकायत का विवरण:**

मुझे निम्नलिखित समस्या का सामना करना पड़ रहा है:

[यहाँ नीचे दिए गए तीन विकल्पों में से अपनी समस्या को चुनिए और भरिए:]

**विकल्प 1 (बिल ज्यादा आना):**
"मेरे [महीने का नाम] के बिजली बिल में ₹[राशि] का चार्ज किया गया है, जो कि असामान्य है। पिछले [3-6 महीने] में मेरा औसत बिल ₹[पिछली राशि] था। इस महीने मेरी बिजली का उपयोग सामान्य ही रहा, फिर भी बिल इतना अधिक आया है। मुझे विश्वास है कि मीटर की रीडिंग गलत दर्ज की गई है या मीटर खराब है। मैं विस्तृत जाँच की माँग करता / करती हूँ।"

**विकल्प 2 (मीटर खराब / फास्ट):**
"मेरे मीटर (संख्या: [मीटर नंबर], लगाया गया: [लगभग कितने साल पहले]) को संदेह के साथ देख रहा हूँ। पिछले [3-6 महीने] में मेरी बिजली की खपत में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन बिल लगातार बढ़ रहा है। मुझे लगता है कि मीटर फास्ट चल रहा है यानी गलत रीडिंग दे रहा है। मैं इस मीटर के **official testing / verification** की माँग करता / करती हूँ।"

**विकल्प 3 (गलत कनेक्शन कट):**
"मेरा बिजली कनेक्शन [तारीख को] बिना किसी लिखित नोटिस के काट दिया गया। Electricity Act, 2003 के Section 56 के तहत, आपको मुझे कम से कम 15 दिन का नोटिस देना चाहिए था। यह कदम पूरी तरह गलत था। मैं तुरंत कनेक्शन दोबारा जोड़ने और हुई परेशानी के हर्जाने की माँग करता / करती हूँ।"

**मेरी माँग / Relief Sought:**

मैं निम्नलिखित की माँग करता / करती हूँ:

1. मेरे बिजली खाते की तुरंत जाँच करना और सही बिल निकालना।
2. अगर मीटर खराब है, तो उसे ठीक या बदलना, और [अगले 2 साल तक की सही रीडिंग के आधार पर] refund देना।
3. [कनेक्शन कट जाने की स्थिति में] मेरे कनेक्शन को तुरंत फिर से जोड़ना और हर्जाना देना।
4. इस पत्र की तसदीक (acknowledgement) देना।

**संलग्न दस्तावेज:**

- बिजली बिल की कॉपी (पिछले 6 महीने की)
- मीटर की तस्वीर (अगर ले सकें)
- आधार कार्ड की कॉपी
- कनेक्शन की अन्य जानकारी

इस शिकायत को तुरंत दर्ज करने का विनम्र निवेदन है।

आपका,
[हस्ताक्षर]
[नाम मुद्रित]
[तारीख]

शिकायत पत्र कहाँ भेजें?

इस पत्र को तीन तरीकों से भेजा जा सकता है:

  1. Registered post / Courier — अपने DISCOM के CGRF office के पते पर। रसीद रख लें।
  2. Email — DISCOM की official website पर CGRF की email address देखें।
  3. Offline — सीधे CGRF office जाकर जमा करें और receipt लें।

CGRF का पता कैसे खोजें?

अपनी बिजली कंपनी (MSEDCL / BESCOM / BSES / Adani / Tata Power / UPPCL / TANGEDCO आदि) की official website पर जाएँ। वहाँ "Consumer Grievance" या "CGRF" section में CGRF का पूरा पता, फोन नंबर और email मिलेगा।


अब क्या होता है? — 3 स्टेप्स में escalation

Step 1: CGRF (Consumer Grievance Redressal Forum) — 60 दिन

  • आपके लिखित शिकायत पत्र के बाद CGRF को 60 दिन में फैसला देना पड़ता है।
  • यह फोरम DISCOM की एक independent committee होती है जिसमें बाहर के experts भी होते हैं।
  • अगर आपका बिल ₹1 लाख तक का है, तो यहाँ कोई court fee नहीं लगता।
  • CGRF का फैसला final नहीं होता — अगर आप संतुष्ट न हो तो आगे बढ़ सकते हो।

Step 2: State Electricity Ombudsman — अगर CGRF में न जीते

Electricity Act, 2003 के Section 42(6) के तहत हर state में एक Electricity Ombudsman नियुक्त होता है। अगर:

  • CGRF ने 60 दिन में फैसला न दिया, या
  • CGRF का फैसला आपको गलत लगा

...तो आप Ombudsman के पास जा सकते हो। Ombudsman फिर से पूरा case सुनेगा और उसका फैसला CGRF के फैसले को बदल सकता है

Ombudsman का पता: अपने state के electricity regulatory commission की website पर देखें। जैसे महाराष्ट्र में MERC, तमिलनाडु में TNERC, आदि।

Step 3: District Consumer Commission — पैसे की भरपाई के लिए (Parallel option)

अगर आप सीधे पैसे की compensation/refund चाहते हो, तो आप:

Consumer Protection Act, 2019 के Section 35 के तहत सीधे District Consumer Commission में complaint file कर सकते हो।

  • Fee: ₹1 लाख तक का claim = कोई court fee नहीं
  • Limitation: आपको यह complaint 2 साल के अंदर दाखिल करना होगा (Section 69, CPA 2019)।
  • Complaint कहाँ दाखिल करें: https://e-jagriti.gov.in पर ऑनलाइन, या अपने जिले के District Consumer Commission office में।

क्या complaint में क्या claim कर सकते हो?

Consumer Protection Act, 2019 के Section 2(11) के मुताबिक, गलत बिल या मीटर खराब होना एक deficiency in service है। इसके लिए आप claim कर सकते हो:

  • Refund (overcharge किया गया पैसा)
  • Compensation — mental anguish, परेशानी, अनावश्यक अस्वीकृति के लिए (आमतौर पर कुछ हजार रुपये तक)
  • Interest — refund पर interest

शिकायत पत्र के साथ क्या-क्या documents भेजें?

जरूरी दस्तावेज Checklist:

  1. बिजली बिल की कॉपी — पिछले 6-12 महीने के सभी बिल
  2. आधार कार्ड / PAN — अपनी पहचान के लिए
  3. मीटर की photo — अगर meter number दिखे, तो उसकी तस्वीर
  4. connection में दी गई कोई अन्य जानकारी — agreement, sanctioned load, आदि
  5. पिछली शिकायत / complaint की कॉपी (अगर DISCOM के पास दी हो तो)
  6. Disconnection notice की कॉपी (अगर कनेक्शन कट गया हो)
  7. आपके written proof — कि आपने पहले फोन किया था या कोई और कम्युनिकेशन किया था

अगला कदम: Nyaykar से free complaint letter बनवाएँ

अगर आप ऊपर दिए गए टेम्पलेट से confident नहीं हो रहे, या अपने case को ज्यादा detailed तरीके से लिखवाना चाहते हो, तो Nyaykar पर जाएँ। वहाँ आप अपनी details भरेंगे, और हम एक professionally तैयार किया हुआ complaint letter बना देंगे — बिल्कुल free

Nyaykar से free bijli complaint letter banayein


आखिरी बातें

  1. धैर्य रखिए — CGRF को 60 दिन लग सकते हैं, लेकिन यह सरकारी प्रक्रिया है।
  2. सभी कागजात रखिए — हर email, हर notice, हर receipt को सुरक्षित रखें।
  3. Escalate करने से न डरें — अगर CGRF/Ombudsman आपको संतुष्ट न करे, तो आप District Commission में जाने का हक रखते हो।
  4. अपनी भाषा में complaint लिखें — हिंदी, अंग्रेजी, या अपनी regional language — कोई फर्क नहीं पड़ता।

यह आपका अधिकार है। DISCOM को जवाब दीजिए।

Disclaimer: Nyaykar is not a law firm and this article is AI-assisted guidance, not legal advice. Verify all details and current rules before acting. For complex matters, consult a qualified consumer advocate.

Frequently asked questions

CGRF को शिकायत भेजने के लिए मुझे कितने दिन मिलते हैं?
CGRF को आपकी शिकायत के बाद 60 दिन में फैसला देना पड़ता है। यह Electricity Act, 2003 के Section 42(5) में लिखा है। अगर 60 दिन बाद भी फैसला न आए, तो आप State Electricity Ombudsman के पास जा सकते हो।
अगर CGRF मेरे favour में फैसला न दे तो क्या करूँ?
CGRF के फैसले के बाद, अगर आप संतुष्ट न हो, तो आप State Electricity Ombudsman के पास appeal कर सकते हो। Ombudsman Section 42(6), Electricity Act, 2003 के तहत नियुक्त होता है और CGRF के फैसले को बदल सकता है। साथ ही, आप District Consumer Commission में भी complaint कर सकते हो (Consumer Protection Act, 2019 का Section 35)।
क्या बिजली विभाग को complaint भेजने के लिए कोई fee लगता है?
नहीं। CGRF को शिकायत देने के लिए कोई fee नहीं लगता। District Consumer Commission में अगर आपका claim ₹5 लाख तक है, तो कोई court fee नहीं लगती। इससे ज्यादा के लिए fee लग सकता है।
अगर मेरा कनेक्शन बिना नोटिस के काट दिया गया तो यह गलत है?
हाँ, बिल्कुल गलत है। Electricity Act, 2003 के Section 56 के मुताबिक, DISCOM को काटने से कम से कम 15 दिन का लिखित नोटिस देना पड़ता है। अगर यह नहीं किया गया, तो आप तुरंत complaint कर सकते हो और कनेक्शन फिर से जोड़ने की माँग कर सकते हो।
मीटर की testing में कितने पैसे लगते हैं?
अगर मीटर सही निकले, तो आपको testing fee देना पड़ सकता है (आमतौर पर ₹200-500)। लेकिन अगर मीटर खराब पाया जाए, तो fee refund होता है, और DISCOM को पिछले 2 साल का सही बिल refund करना पड़ता है।
क्या मैं Consumer Protection Act के तहत सीधे District Commission में complaint कर सकता हूँ?
हाँ। Consumer Protection Act, 2019 के Section 35 के तहत, आप सीधे District Consumer Commission में complaint file कर सकते हो। CGRF जाना अनिवार्य नहीं है। ₹5 लाख तक के claim के लिए कोई court fee नहीं लगती। अपने जिले के Consumer Commission में e-Jagriti (https://e-jagriti.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन complaint दाखिल कर सकते हो।

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Disclaimer: This article is for guidance only. Nyaykar.in is not a law firm. Verify details before acting on this information. For complex matters, consult a qualified consumer advocate.