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Railway / IRCTC30 July 2026· updated 30 July 2026

आईआरसीटीसी में शिकायत कैसे करें? RailMadad, TDR रिफंड गाइड 2026

IRCTC ticket ka refund nahi aaya, TDR reject ho gaya ya train cancel hui? RailMadad aur 139 se free shikayat karein — poora step-by-step route Consumer Commission tak, Hindi mein.

IRCTC से जुड़ी किसी भी समस्या पर सबसे पहले RailMadad (railmadad.indianrailways.gov.in) पर या 139 helpline पर शिकायत दर्ज करें — यह free है और यहीं से आपको reference number मिलता है। अगर शिकायत बंद कर दी जाए या संतोषजनक जवाब न मिले, तो National Consumer Helpline 1915 और उसके बाद District Consumer Commission (e-jagriti.gov.in) जा सकते हैं। ₹5 लाख तक के दावे पर court fee कोई नहीं, और शिकायत 2 साल के अंदर करनी होती है।

आप किस समस्या से जूझ रहे हैं?

Ticket cancel किया लेकिन पैसा वापस नहीं आया। TDR file किया और वह reject हो गया। Train रद्द हो गई या घंटों late चली। AC पूरे सफ़र काम नहीं किया। Booked सामान गुम हो गया। ये सब railway service की कमी हैं और इनके लिए शिकायत करने का आपका पूरा हक़ है — बस सही जगह पर करनी चाहिए, वरना महीनों निकल जाते हैं।

समस्या के हिसाब से कहाँ शिकायत करें?

समस्या कहाँ शिकायत करें Portal / Number
Ticket cancel किया, refund नहीं आया RailMadad → फिर Consumer Commission railmadad.indianrailways.gov.in या 139
Train रद्द हुई या 3 घंटे से ज़्यादा late, आपने सफ़र नहीं किया IRCTC पर TDR file करें → RailMadad irctc.co.in account → railmadad.indianrailways.gov.in
TDR file किया लेकिन reject हो गया RailMadad पर reference सहित शिकायत → Consumer Commission railmadad.indianrailways.gov.in या 139
AC काम नहीं किया / coach में सुविधा नहीं मिली RailMadad (TTE का certificate साथ रखें) railmadad.indianrailways.gov.in या 139
Train में खाना खराब, गंदगी, पानी नहीं RailMadad — सफ़र के दौरान ही, PNR के साथ railmadad.indianrailways.gov.in या 139
Booked सामान / parcel गुम, टूटा या नहीं मिला Railway Claims Tribunal (TDR इसके लिए नहीं है) पहले RailMadad पर register करें
Staff का बुरा व्यवहार या harassment RailMadad — तुरंत, PNR और coach नंबर के साथ railmadad.indianrailways.gov.in या 139

एक ग़लतफ़हमी दूर कर लें: TDR यानी Ticket Deposit Receipt सिर्फ़ टिकट के पैसे वापस पाने का claim form है — जब ticket normally cancel नहीं हो सकता (train रद्द, बहुत late, AC fail, आप board नहीं कर पाए)। गुम या टूटे सामान के लिए TDR नहीं भरा जाता — वह मामला Railway Claims Tribunal का है।

RailMadad पर शिकायत कैसे दर्ज करें?

  1. railmadad.indianrailways.gov.in खोलें, या 139 पर call करें। Portal और helpline दोनों free हैं।
  2. अपना PNR number डालें। PNR के बिना शिकायत track करना मुश्किल होता है।
  3. सही category चुनें — refund, catering, coach cleanliness, staff behaviour, security, luggage।
  4. समस्या साफ़ शब्दों में लिखें: क्या हुआ, किस तारीख़ को, कितने पैसे का नुक़सान हुआ, और आप क्या चाहते हैं।
  5. सबूत attach करें — ticket, bank statement जिसमें refund न आना दिखे, TTE का certificate (AC failure के मामले में), खाने या coach की photo।
  6. Submit करने पर मिलने वाला reference number संभालकर रखें। आगे हर escalation में यही आपका सबूत है कि आपने पहले Railways को मौका दिया था।

TDR कब file होता है और reject क्यों होता है?

TDR उन हालात में भरा जाता है जहाँ ticket अपने आप cancel नहीं होता — जैसे train रद्द हो जाना, train का तय स्टेशन से बहुत देर से चलना और आपका सफ़र न करना, AC का काम न करना, या आपका train पकड़ न पाना। TDR आप IRCTC account से file करते हैं।

हर वजह के लिए TDR भरने की समय-सीमा अलग होती है, और वह कुछ घंटों की भी हो सकती है। अपने case की exact deadline IRCTC account में उसी booking पर देखें — देर होने पर claim अपने आप reject हो जाता है, और यही rejection का सबसे आम कारण है।

TDR reject होने की दूसरी आम वजहें: TTE या station staff से मिलने वाला certificate न लगाना, वजह और record का मेल न खाना, या ऐसे कारण पर claim करना जिस पर refund बनता ही नहीं। Reject होने पर हार न मानें — RailMadad पर TDR number के साथ लिखित शिकायत करें, और फिर भी न सुनी जाए तो Consumer Commission जा सकते हैं।

RailMadad ने सुनवाई न की तो आगे क्या?

National Consumer Helpline 1915

consumerhelpline.gov.in पर या 1915 पर लिखित शिकायत दर्ज करें। अपनी RailMadad reference number और सारे documents साथ लगाएँ। NCH आपकी शिकायत सम्बंधित विभाग तक पहुँचाता है और उस पर follow-up करता है।

District Consumer Commission — e-Jagriti पर

यहाँ का order कानूनी रूप से बाध्यकारी होता है, इसलिए असली दम इसी कदम में है।

  1. e-jagriti.gov.in खोलें और register करें।
  2. अपने ज़िले का District Consumer Commission चुनें।
  3. Opposite party में IRCTC / Indian Railways का नाम और पता भरें।
  4. दावे की रकम लिखें — refund के साथ मानसिक परेशानी और खर्च का मुआवज़ा भी माँग सकते हैं।
  5. सारे documents लगाएँ: ticket, bank statement, TDR का record, RailMadad reference, NCH की शिकायत।

Court fee: ₹5 लाख तक के दावे पर कोई fee नहीं। ₹5–10 लाख पर ₹200। District Commission ₹1 करोड़ तक के दावे सुन सकता है, इसलिए railway के लगभग सारे मामले यहीं आते हैं।

आपका कानूनी आधार क्या है?

रेल यात्री Consumer Protection Act, 2019 के तहत 'consumer' है — यह अब तय बात है। इसलिए:

  • Section 2(11), CPA 2019 — deficiency in service। Refund न देना, TDR गलत तरीके से reject करना, खराब catering, गंदा coach — सब इसी में आते हैं।
  • Section 2(47), CPA 2019 — unfair trade practice, अगर आपसे गलत तरीके से पैसे लिए गए।
  • Section 35, CPA 2019 — District Consumer Commission में शिकायत दायर करने का अधिकार।
  • Section 69, CPA 2019 — शिकायत की समय-सीमा 2 साल
  • किराए की वापसी पर Railway Passengers (Cancellation of Tickets and Refund of Fares) Rules, 2015 लागू होते हैं।
  • Booked सामान या parcel के गुम/खराब होने पर Railway Claims Tribunal का रास्ता अलग से खुला है।

क्या मुआवज़ा भी मिल सकता है?

हाँ — लेकिन RailMadad से नहीं, Consumer Commission से। यह फ़र्क़ समझना ज़रूरी है: RailMadad आपकी शिकायत दर्ज करता है, आगे भेजता है और उसे track करता है। वह Railways को refund देने पर मजबूर नहीं कर सकता। जो order मानना क़ानूनन ज़रूरी हो, वह सिर्फ़ Consumer Commission देता है।

Commission सिर्फ़ आपका refund नहीं, उसके साथ मानसिक परेशानी और मुक़दमे के खर्च का मुआवज़ा भी दे सकता है। कितना — यह Commission तय करता है, और वह आपके सबूतों पर निर्भर करता है।

पूरा रास्ता एक नज़र में

कदम कहाँ क्या मिलेगा
1 RailMadad — railmadad.indianrailways.gov.in या 139 Reference number, Railways को जवाब देने का मौका
2 ज़रूरत हो तो IRCTC पर TDR (सिर्फ़ ticket refund के लिए) Refund claim record पर आ जाता है
3 National Consumer Helpline — 1915 / consumerhelpline.gov.in शिकायत आगे बढ़ती है, follow-up होता है
4 District Consumer Commission — e-jagriti.gov.in बाध्यकारी order, refund + मुआवज़ा

शिकायत करने से पहले ये बातें ध्यान रखें

हर काग़ज़ संभालकर रखें। Ticket, IRCTC booking history, bank statement, TDR का record, RailMadad reference number, NCH की शिकायत की copy — Consumer Commission में यही आपका case है।

शिकायत में साफ़ लिखें कि क्या हुआ, कितना नुक़सान हुआ, और आप क्या चाहते हैं। गोल-मोल शिकायत सबसे जल्दी बंद होती है।

2 साल की सीमा मत भूलें। Section 69, CPA 2019 के मुताबिक़ शिकायत का कारण बनने की तारीख़ से 2 साल के अंदर Consumer Commission जाना होता है।

सामान गुम होने पर देर न करें — तुरंत RailMadad या 139 पर दर्ज कराएँ और booking receipt संभालें, क्योंकि वह मामला Railway Claims Tribunal में जाएगा।

Nyaykar से अपना complaint letter बनवाएँ

Consumer Commission या RailMadad के लिए एक व्यवस्थित, formal शिकायत-पत्र चाहिए — सही authority, सही format, और आपके तथ्य क्रम से लिखे हुए। Nyaykar से free complaint letter banayein — 60 सेकंड में, Hindi या English में।

Disclaimer: Nyaykar is not a law firm and this article is AI-assisted guidance, not legal advice. Rules, timelines and portal steps change — verify the current details on the official portal before acting. For complex matters, consult a qualified consumer advocate.

Frequently asked questions

क्या IRCTC में शिकायत करना free है?
हाँ। RailMadad (railmadad.indianrailways.gov.in) पर शिकायत दर्ज करना और 139 पर call करना दोनों free हैं। National Consumer Helpline 1915 भी free है। District Consumer Commission में भी ₹5 लाख तक के दावे पर कोई court fee नहीं लगती, इसलिए ज़्यादातर railway मामलों में पूरा रास्ता बिना खर्च के तय होता है।
TDR क्या होता है और वह किस लिए भरा जाता है?
TDR यानी Ticket Deposit Receipt — यह टिकट के पैसे वापस पाने का claim form है, उन हालात के लिए जहाँ ticket normally cancel नहीं हो सकता: train रद्द हो जाना, बहुत देर से चलना और आपका सफ़र न करना, AC का काम न करना, या आपका train पकड़ न पाना। इसे आप IRCTC account से भरते हैं। गुम या टूटे सामान के लिए TDR नहीं भरा जाता — वह Railway Claims Tribunal का मामला है।
मेरा TDR reject हो गया, अब क्या करूँ?
सबसे पहले rejection का कारण देखें — अक्सर वजह यह होती है कि TDR उस case की तय समय-सीमा के बाद भरा गया, या ज़रूरी certificate (जैसे AC failure पर TTE का certificate) नहीं लगा। फिर RailMadad पर अपने TDR number और सारे सबूतों के साथ लिखित शिकायत करें। वहाँ भी न सुनी जाए तो District Consumer Commission में e-jagriti.gov.in के ज़रिए जाएँ — TDR का गलत rejection deficiency in service माना जा सकता है।
TDR भरने की समय-सीमा कितनी है?
हर वजह के लिए समय-सीमा अलग है और कुछ मामलों में वह कुछ ही घंटों की होती है। कोई एक common deadline नहीं है, इसलिए अपने case की exact समय-सीमा IRCTC account में उसी booking पर देखें। देर होने पर claim अपने आप reject हो जाता है — यही rejection का सबसे आम कारण है।
क्या IRCTC या Railways के खिलाफ़ Consumer Commission में जा सकते हैं?
हाँ। रेल यात्री Consumer Protection Act, 2019 के तहत 'consumer' है और railway travel एक service है। Refund न मिलना, TDR का गलत rejection, खराब catering या गंदा coach — ये सब Section 2(11) के तहत deficiency in service में आते हैं। शिकायत e-jagriti.gov.in पर District Consumer Commission में दर्ज होती है; ₹5 लाख तक कोई court fee नहीं।
क्या RailMadad Railways को refund देने पर मजबूर कर सकता है?
नहीं। RailMadad आपकी शिकायत register करता है, सही विभाग तक भेजता है और उसे track करता है — लेकिन वह कोई बाध्यकारी order नहीं देता। अगर Railways दावा ठुकरा दे, तो आगे का रास्ता District Consumer Commission है, जहाँ का order मानना क़ानूनन ज़रूरी होता है।
ट्रेन में सामान गुम हो जाए तो कहाँ शिकायत करें?
तुरंत RailMadad पर या 139 पर दर्ज कराएँ और booking/parcel receipt संभालकर रखें। Booked सामान या parcel के गुम, खराब या न मिलने के मामले Railway Claims Tribunal के दायरे में आते हैं — इसके लिए TDR नहीं भरा जाता, वह सिर्फ़ ticket refund के लिए है।
कितने समय के अंदर शिकायत करनी ज़रूरी है?
Consumer Commission में शिकायत, कारण बनने की तारीख़ से 2 साल के अंदर दायर करनी होती है — यह Section 69, Consumer Protection Act 2019 में तय है। RailMadad पर शिकायत जितनी जल्दी करें उतना बेहतर, क्योंकि ताज़ा शिकायत पर record और सबूत आसानी से मिल जाते हैं।

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Disclaimer: This article is for guidance only. Nyaykar.in is not a law firm. Verify details before acting on this information. For complex matters, consult a qualified consumer advocate.