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बैंकिंग26 अक्टूबर 2026

आरबीआई में शिकायत कैसे करें 2026 — cms.rbi.org.in पोर्टल

आरबीआई में शिकायत कैसे करें? cms.rbi.org.in पर ऑनलाइन, crpc@rbi.org.in पर ईमेल या टोल-फ़्री 14448 — पूरी तरह निःशुल्क। नई RB-IOS 2026 योजना में बैंक के आख़िरी जवाब से 90 दिन के भीतर शिकायत करना ज़रूरी है।

लेखक: अनिल भूटिया · संस्थापक, Nyaykar · वकील नहीं · हम तथ्य कैसे जाँचते हैं

इस लेख में (12)

आरबीआई में शिकायत करने के लिए cms.rbi.org.in पर ऑनलाइन फ़ॉर्म भरें, या crpc@rbi.org.in पर ईमेल करें, या टोल-फ़्री 14448 पर कॉल करें। शिकायत दर्ज करना पूरी तरह निःशुल्क है। शर्त सिर्फ़ एक है — पहले अपने बैंक से शिकायत करनी होती है, और उसके 30 दिन बाद आप आरबीआई के पास जा सकते हैं। बैंक का जवाब आने के बाद 90 दिन के भीतर शिकायत दर्ज करना ज़रूरी है।

📌 आरबीआई शिकायत — मुख्य जानकारी (जाँची हुई)

क्या विवरण
ऑनलाइन पोर्टल cms.rbi.org.in — पूरी तरह निःशुल्क
ईमेल से शिकायत crpc@rbi.org.in
डाक से Centralised Receipt and Processing Centre, Reserve Bank of India, Central Vista, Sector 17, Chandigarh – 160017
हेल्पलाइन (टोल-फ़्री) 14448 — IVRS 24×7; एजेंट से बात सुबह 8:00 AM से रात 10:00 PM तक (सोमवार–शनिवार)
कब शिकायत कर सकते हैं बैंक से शिकायत करने के 30 दिन बाद, या उससे पहले भी अगर बैंक का जवाब आ गया और आप संतुष्ट नहीं हैं
अंतिम तिथि बैंक के अंतिम उत्तर से 90 दिन के भीतर
शुल्क शून्य — कोई चार्ज नहीं
योजना RB-IOS 2026 (1 जुलाई 2026 से लागू)

आरबीआई में शिकायत कैसे करें — 6 चरणों की ऑनलाइन प्रक्रिया

चरण 1 — पोर्टल खोलें। https://cms.rbi.org.in पर "File a Complaint" पर क्लिक करें।

चरण 2 — सत्यापन करें। नाम, मोबाइल नंबर और OTP से सत्यापन करें।

चरण 3 — बैंक और श्रेणी चुनें। जिस Regulated Entity (बैंक, NBFC, वॉलेट, क्रेडिट इन्फ़ॉर्मेशन कंपनी) के ख़िलाफ़ शिकायत है उसे चुनें, शिकायत की श्रेणी चुनें और घटना की तारीख़ बताएँ।

चरण 4 — तथ्य लिखें। एक-एक बिंदु में लिखें: क्या हुआ, कब हुआ, कितनी रक़म का मामला है, और बैंक से पहले कब शिकायत की थी। यहाँ बैंक का दिया हुआ reference number ज़रूर डालें।

चरण 5 — दस्तावेज़ संलग्न करें। बैंक को भेजी गई शिकायत की कॉपी, बैंक का जवाब, लेन-देन का सबूत, खाते का स्टेटमेंट।

चरण 6 — सबमिट करें और ट्रैक करें। आपको एक शिकायत संख्या मिलेगी — उसी से पोर्टल पर स्थिति (status) देखते रहें।

CMS पोर्टल पर ही ऑनलाइन फ़ॉर्म भरना सबसे आसान है, क्योंकि वहाँ शुरुआत में ही सिस्टम बता देता है कि आपकी शिकायत maintainable (सुनवाई योग्य) है या नहीं।

आरबीआई में शिकायत कब कर सकते हैं?

आरबीआई का नियम साफ़ है — पहले बैंक को एक मौका देना होता है। आप लोकपाल (Ombudsman) के पास तब जा सकते हैं जब इन तीनों में से कोई एक बात सच हो:

  1. बैंक से शिकायत किए 30 दिन हो गए और कोई जवाब नहीं आया
  2. बैंक ने जवाब दिया, लेकिन आप उससे संतुष्ट नहीं हैं
  3. बैंक ने शिकायत ख़ारिज कर दी

एक ज़रूरी बारीकी: कुछ मामलों में (जैसे कार्ड या UPI से जुड़े विवाद) आरबीआई, NPCI या Card Network की अपनी समय-सीमा 30 दिन से लंबी हो सकती है। ऐसे मामलों में जो समय-सीमा ज़्यादा हो, वही लागू होगी। अगर बैंक का जवाब पहले ही आ गया और आप संतुष्ट नहीं हैं, तो 30 दिन इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं।

ज़रूरी: बैंक से की गई शिकायत का reference number या ईमेल सँभालकर रखें। लोकपाल के फ़ॉर्म में यह माँगा जाता है — इसी से साबित होता है कि आपने पहले बैंक को मौका दिया था।

शिकायत कितने दिन के भीतर करनी होगी? — 90 दिन की समय-सीमा

यही वह बात है जो ज़्यादातर लोग चूक जाते हैं, और इसी वजह से शिकायत शुरुआत में ही ख़ारिज हो जाती है।

RB-IOS 2026 के तहत आपको 90 दिन मिलते हैं — इनमें से जो तारीख़ बाद में हो, उससे: (a) जिस दिन लागू समय-सीमा ख़त्म हुई, या (b) जिस दिन बैंक से आख़िरी जवाब मिला। इसके बाद दर्ज की गई शिकायत maintainable नहीं होती।

पुरानी योजना (RB-IOS 2021) में यह अवधि काफ़ी लंबी थी, इसलिए पुराने ब्लॉग और फ़ोरम पर आपको लंबा समय लिखा मिल सकता है — वह अब लागू नहीं होता। बैंक का जवाब आते ही कैलेंडर पर 90 दिन मार्क कर लें।

"HDFC का ombudsman email id क्या है?" — इस सवाल का सच

यह सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला सवाल है, और इसका जवाब उल्टा है: किसी बैंक का अपना अलग "ombudsman email id" होता ही नहीं।

लोकपाल आरबीआई का है, बैंक का नहीं। चाहे आपकी शिकायत HDFC के ख़िलाफ़ हो, या SBI, ICICI, Axis, Kotak के — सबके लिए एक ही जगह है:

  • पोर्टल: cms.rbi.org.in
  • ईमेल: crpc@rbi.org.in
  • हेल्पलाइन: 14448

बैंक का अपना जो ईमेल होता है वह उसकी Grievance Cell या Nodal Officer का होता है — यह लोकपाल से पहले वाला कदम है, लोकपाल नहीं। (HDFC की Grievance Cell की पूरी प्रक्रिया: HDFC Bank complaint kaise kare — Hinglish में)

पुराना लिंक काम नहीं करेगा: पहले bankingombudsman.rbi.org.in चलता था। अब सब कुछ cms.rbi.org.in (Complaint Management System) पर आ चुका है। किसी थर्ड-पार्टी "complaint" वेबसाइट पर भरोसा न करें — वह आरबीआई की आधिकारिक साइट नहीं है।

आरबीआई लोकपाल किन शिकायतों को सुनता है?

योजना का पूरा नाम Reserve Bank – Integrated Ombudsman Scheme, 2026 (RB-IOS 2026) है, जो 1 जुलाई 2026 से लागू हुई और RB-IOS 2021 की जगह ले चुकी है। यह बैंकों, कुछ NBFC, प्रीपेड वॉलेट जारी करने वाली कंपनियों और Credit Information Companies की सेवा में कमी से जुड़ी शिकायतें सुनता है:

  • ग़लत तरीक़े से पैसा काटा गया (ग़लत चार्ज, छिपी हुई फ़ीस)
  • failed transaction के बाद रिफ़ंड नहीं मिला
  • लोन या क्रेडिट कार्ड में ग़लत चार्ज
  • fixed deposit या खाता बंद कराने में दिक़्क़त
  • धोखाधड़ी वाला लेन-देन, जिसका बैंक ने निपटारा नहीं किया (unauthorized transaction की पूरी गाइड — Hinglish में)
  • सेवा का वादा करके पूरा न करना

कितना मुआवज़ा मिल सकता है?

विवाद की रक़म पर कोई ऊपरी सीमा नहीं है। मुआवज़े की सीमाएँ इस तरह हैं:

किस चीज़ का अधिकतम
Consequential loss (आपका असली नुक़सान) ₹30,00,000 तक
समय, ख़र्च, परेशानी और मानसिक पीड़ा ₹3,00,000 तक (अलग से)

ये दोनों RB-IOS 2026 के तहत हैं। अगर आपने कहीं पुराना आँकड़ा (₹20 लाख / ₹1 लाख) पढ़ा है, तो वह पुरानी योजना का है और अब लागू नहीं होता — शिकायत के फ़ॉर्म में अपना नुक़सान पूरा लिखें, कम करके नहीं।

लोकपाल के फ़ैसले से असंतुष्ट? अपील कैसे करें

लोकपाल का फ़ैसला आख़िरी नहीं होता। अगर लोकपाल ने Award पारित किया और आप उससे संतुष्ट नहीं हैं, तो आप Appellate Authority के सामने अपील कर सकते हैं — Award मिलने के 30 दिन के भीतर। देर हो जाए और वजह वाजिब हो, तो Appellate Authority देरी माफ़ कर सकती है।

ध्यान दें: अपील सिर्फ़ Award के ख़िलाफ़ होती है। अगर शिकायत किसी और वजह से बंद हुई है, तो अपील का रास्ता उपलब्ध नहीं होता — ऐसे में उपभोक्ता आयोग (Consumer Commission) का विकल्प देखें।

आपके क़ानूनी अधिकार (जाँचे हुए)

  • RB-IOS 2026 — यही वह योजना है जिसके तहत लोकपाल आपकी शिकायत सुनता है। शिकायत पूरी तरह निःशुल्क है।
  • Consumer Protection Act, 2019 — अगर आप साथ-साथ उपभोक्ता आयोग जाना चाहें, तो बैंक की सेवा में कमी Section 2(11) (deficiency in service) के तहत आती है, और शिकायत Section 35 के तहत दर्ज होती है। समय-सीमा घटना से 2 साल है (Section 69)।

ज़िला उपभोक्ता आयोग उन मामलों को सुनता है जहाँ आपने जो consideration (क़ीमत) दी हो वह ₹50 लाख तक हो; उससे ऊपर राज्य आयोग (₹2 करोड़ तक) और उसके बाद NCDRC। ₹5 लाख तक के दावे पर कोई कोर्ट फ़ीस नहीं लगती।

हिंदी में बैंकिंग शिकायत पत्र बनाएँ →

लोकपाल फ़ॉर्म में "facts" कैसे लिखें? — तैयार फ़ॉर्मेट

सबसे बड़ी दिक़्क़त यह है कि लोकपाल के फ़ॉर्म में तथ्य औपचारिक तरीक़े से लिखने को कहा जाता है — और कई लोग यहीं अटक जाते हैं।

नीचे पूरा फ़ॉर्मेट दिया गया है। फ़ॉर्मेट अंग्रेज़ी में है, क्योंकि शिकायत आमतौर पर अंग्रेज़ी में ही दर्ज की जाती है। चौकोर कोष्ठक [ ] वाली जगह पर अपनी जानकारी भरें, और जो बिंदु आप पर लागू न हो उसे हटा दें। इसे पोर्टल पर शिकायत के विवरण वाले बॉक्स में सीधे पेस्ट कर सकते हैं।

1. I, [अपना पूरा नाम], residing at [अपना पूरा पता], hold account /
   card number [खाता या कार्ड नंबर] with [बैंक का नाम], [शाखा].

2. On [घटना की तारीख़], [एक-दो पंक्ति में लिखें कि क्या हुआ। जैसे:
   "an amount of Rs. [रक़म] was debited from my account for a transaction
   I did not authorise", या "my fixed deposit was not closed despite a
   written request", या "a charge of Rs. [रक़म] was levied on my credit
   card without any intimation"].

3. I submitted a written complaint to the bank's grievance redressal cell
   on [बैंक से शिकायत करने की तारीख़]. The bank acknowledged it vide
   reference number [बैंक का reference number].

4. [इन तीनों में से सिर्फ़ वही रखें जो आप पर लागू हो:]
   More than 30 days have passed and the bank has not replied.
   / The bank replied on [तारीख़] and rejected my complaint.
   / The bank's reply dated [तारीख़] is not satisfactory because [वजह].

5. Because of this I have suffered a loss of Rs. [अपना पूरा नुक़सान],
   apart from the time and expense spent in following this up.

6. I request that [बैंक का नाम] be directed to [आप क्या चाहते हैं —
   refund the amount / reverse the charges / close the account / correct
   my credit record] and that appropriate compensation be awarded.

बिंदु 3 सबसे ज़रूरी है। बैंक का reference number ही साबित करता है कि आपने पहले बैंक को मौका दिया था। वह छूट गया तो शिकायत शुरुआत में ही अटक सकती है।

बिंदु 5 में अपना नुक़सान पूरा लिखें, कम करके नहीं — मुआवज़ा उसी के हिसाब से तय होता है।

आरबीआई को शिकायत का ईमेल कैसे लिखें?

अगर आप पोर्टल की जगह crpc@rbi.org.in पर ईमेल भेजना चाहते हैं, तो यह फ़ॉर्मेट कॉपी कर लें।

Subject line:

Complaint against [बैंक का नाम] under the Reserve Bank - Integrated
Ombudsman Scheme, 2026 - [अपना नाम]

ईमेल का मुख्य भाग:

To,
The Centralised Receipt and Processing Centre
Reserve Bank of India
Central Vista, Sector 17, Chandigarh - 160017

Respected Sir / Madam,

I wish to file a complaint against [बैंक का नाम], [शाखा], under the
Reserve Bank - Integrated Ombudsman Scheme, 2026. The facts are as
follows:

[यहाँ ऊपर वाले 6 क्रमांकित बिंदु पेस्ट करें।]

Documents attached:
  - copy of the complaint sent to the bank
  - the bank's reply, if any
  - account statement / transaction proof
  - [कोई और दस्तावेज़ जो आपके पास हो]

I declare that the information given above is true to the best of my
knowledge and belief, and that the subject matter of this complaint is
not pending before any court, tribunal or arbitrator.

Yours faithfully,
[अपना नाम]
[मोबाइल नंबर] | [ईमेल]
Date: [आज की तारीख़]

ईमेल भेजने के बाद उसकी sent कॉपी अपने पास रखें। आगे अगर शिकायत की तारीख़ साबित करनी पड़ी, तो यही काम आती है।

यह सब ख़ुद टाइप नहीं करना चाहते? अपनी समस्या हिंदी या अंग्रेज़ी में लिखें (या बोलकर बताएँ) — Nyaykar सही प्राधिकरण पहचानकर औपचारिक पत्र तैयार कर देता है, जिसे आप सीधे cms.rbi.org.in पर पेस्ट कर सकते हैं। केस की जाँच मुफ़्त है; ₹49 में 2 पूरे पत्र मिलते हैं।

बैंकिंग शिकायत पत्र बनाएँ →

और अगर आपने पहले बैंक को पत्र भेजा था लेकिन 30 दिन में जवाब नहीं आया, तो Nyaykar Pro उस पहले पत्र को देखकर अपने आप एक escalation letter बना देता है। आपको दोबारा कुछ टाइप नहीं करना पड़ता।

शिकायत दर्ज होने के बाद क्या होता है?

शिकायत दर्ज होने के बाद लोकपाल का कार्यालय उसकी जाँच करता है और बैंक से जवाब माँगता है। योजना में एक structured settlement प्रक्रिया है — यानी दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश होती है। समझौता न हो, तो लोकपाल एक औपचारिक फ़ैसला (Award) दे सकता है।

धैर्य रखें, हर दस्तावेज़ सँभालकर रखें, और रजिस्टर्ड डाक से भेजी गई हर चीज़ की रसीद रखें — ये आगे काम आती हैं।

अगले कदम के लिए यह गाइड भी पढ़ें:


अस्वीकरण: यह लेख AI की मदद से तैयार किया गया मसौदा है, केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए। Nyaykar is not a law firm — this is not legal advice. Nyaykar कोई लॉ फ़र्म नहीं है और यह कानूनी सलाह नहीं है। शिकायत दर्ज करने से पहले सारी जानकारी ख़ुद जाँच लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आरबीआई में शिकायत करने की कोई फ़ीस है?
नहीं। RB-IOS 2026 योजना के तहत आरबीआई लोकपाल के पास शिकायत करना पूरी तरह निःशुल्क है। आपको कोई फ़ीस, स्टांप पेपर या वकील नहीं चाहिए। सिर्फ़ cms.rbi.org.in पर ऑनलाइन फ़ॉर्म भरना होता है, या crpc@rbi.org.in पर ईमेल करना होता है।
आरबीआई में शिकायत कब कर सकते हैं?
तीन स्थितियों में: (1) आपने बैंक से शिकायत की और 30 दिन तक कोई जवाब नहीं आया, (2) बैंक का जवाब मिला लेकिन आप संतुष्ट नहीं हैं, या (3) बैंक ने शिकायत ख़ारिज कर दी। कुछ मामलों में आरबीआई, NPCI या Card Network की समय-सीमा 30 दिन से लंबी होती है — तब वही लंबी समय-सीमा लागू होगी। पहले बैंक की Grievance Cell को मौका देना ज़रूरी है।
आरबीआई लोकपाल के पास शिकायत करने की आख़िरी तारीख़ क्या है?
RB-IOS 2026 के तहत 90 दिन। ये 90 दिन उस तारीख़ से गिने जाते हैं जब लागू समय-सीमा ख़त्म हुई, या जब बैंक से आख़िरी जवाब मिला — इनमें से जो बाद में हो। 90 दिन के बाद दर्ज की गई शिकायत maintainable नहीं होती। पुरानी RB-IOS 2021 योजना में यह अवधि लंबी थी, लेकिन वह अब लागू नहीं होती।
आरबीआई शिकायत का आधिकारिक पोर्टल कौन-सा है?
सिर्फ़ cms.rbi.org.in (RBI Complaint Management System)। किसी भी थर्ड-पार्टी complaint वेबसाइट या फ़ोरम पर भरोसा न करें — वे आधिकारिक नहीं हैं और आपकी शिकायत लोकपाल तक नहीं पहुँचती। मदद के लिए आरबीआई का टोल-फ़्री नंबर 14448 भी है (IVRS 24x7)।
आरबीआई लोकपाल से कितना मुआवज़ा मिल सकता है?
विवाद की रक़म पर कोई ऊपरी सीमा नहीं है। मुआवज़े की सीमाएँ हैं: consequential loss के लिए ₹30,00,000 तक, और इसके अलावा आपके समय, ख़र्च, परेशानी और मानसिक पीड़ा के लिए ₹3,00,000 तक। ये RB-IOS 2026 के आँकड़े हैं — पुराने ₹20 लाख / ₹1 लाख अब लागू नहीं होते।
लोकपाल शिकायत के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?
बैंक को भेजी गई मूल शिकायत की कॉपी और उसका reference number, बैंक का जवाब (अगर मिला हो), लेन-देन का सबूत या बैंक स्टेटमेंट, और अपना पहचान पत्र। इनसे साबित होता है कि आपने पहले बैंक को मौका दिया था — जो लोकपाल की ज़रूरी शर्त है।
लोकपाल के फ़ैसले से संतुष्ट नहीं हूँ तो क्या करूँ?
अगर लोकपाल ने Award पारित किया और आप उससे असंतुष्ट हैं, तो आप Appellate Authority के सामने अपील कर सकते हैं — Award मिलने के 30 दिन के भीतर। वाजिब वजह हो तो Appellate Authority देरी माफ़ कर सकती है। अपील सिर्फ़ Award के ख़िलाफ़ होती है; शिकायत किसी और वजह से बंद हुई हो तो उपभोक्ता आयोग का विकल्प देखें।
अगर बैंक फिर भी पैसा वापस नहीं करता तो क्या होगा?
लोकपाल बैंक से जवाब माँगता है और समझौता कराने की कोशिश करता है। समझौता न हो तो लोकपाल औपचारिक Award दे सकता है। इसके अलावा आप साथ-साथ ज़िला उपभोक्ता आयोग भी जा सकते हैं, जहाँ बैंक की सेवा में कमी CPA 2019 की Section 2(11) के तहत आती है। ज़िला आयोग उन मामलों को सुनता है जहाँ दी गई consideration ₹50 लाख तक हो (उससे ऊपर राज्य आयोग, ₹2 करोड़ तक), और ₹5 लाख तक के दावे पर कोई कोर्ट फ़ीस नहीं लगती।
उपभोक्ता आयोग जाने की समय-सीमा क्या है?
उपभोक्ता आयोग के लिए Consumer Protection Act 2019 की Section 69 के तहत घटना से 2 साल का समय मिलता है। ध्यान रखें, यह आरबीआई लोकपाल की 90 दिन वाली समय-सीमा से अलग है — दोनों रास्ते अलग हैं और दोनों की अपनी समय-सीमा है। इसलिए देर न करें।

इस लेख में दिए गए आधिकारिक स्रोत

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अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। Nyaykar.in कोई लॉ फ़र्म नहीं है और यह कानूनी सलाह नहीं है। कोई भी कदम उठाने से पहले जानकारी स्वयं जाँच लें; जटिल मामलों में किसी योग्य उपभोक्ता वकील से सलाह लें।